इंतजार खत्म : आज रिलीज होगी देश के पहले महिला बैंड पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म

गांव में प्रैक्टिस करतीं टीम की सदस्य।शशि भूषण, पटना.  बिहार में पटना से 15 किमी दूर है गांव ढिबरा। इस गांव की पहचान है सरगम बैंड। इस बैंड की सभी सदस्य महिलाएं हैं, जो पिछले 3 सालों से कई संघर्ष के बाद अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब हुई हैं। ये देश की पहली महिला बैंड पार्टी है। इनकी जिंदगी पर ‘वुमनिया’ नाम की एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई, जो आज रिलीज होने वाली है।

इस फिल्म को 13 अक्टूबर को शिमला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। बैंड पार्टी की महिलाएं अभी ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के सेट पर परफार्मेंस देकर लौटी हैं। अमिताभ बच्चन की फरमाइश पर उन्हें ‘मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है...’, गाना भी सुनाया और बैंड भी बजाया।

बैंड में इकलौती सविता आठवीं पास हैं। 70 साल की चित्रलेखा से लेकर 25 साल की छठिया के अलावा पंचम, लालती, सोना, डोमनी, अनीता, वैजयंती और मानती इसमें शामिल हैं। छठिया बड़ा ड्रम बजाती है, तीन-तीन घंटे लगातार। उसकी बेटी 13 साल की है। स्कूल जाती है।

बैंड पार्टी की सभी महिलाएं अनपढ़ थीं। लेकिन आज सभी अपना नाम लिख लेती हैं। बिना पुरुष सदस्य के दूर-दूर तक ड्रम बजाने जाती हैं। अपनी कमाई के 20 हजार रुपए खर्च कर बैंड पार्टी का ड्रेस भी बना लिया है। सविता के 70 वर्षीय पिता सीताराम दास कहते हैं- बेटी ने जब बैंड बजाना शुरू किया तो मुझे भी खराब लगा। पर आज इनकी कामयाबी पर गर्व होता है। 
 

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