CM नीतीश ने कहा, ‘रूल ऑफ लॉ' को दुरुस्त रखना सरकार का संवैधानिक दायित्व
पटना : बिहार में एनडीए की सरकार के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति के बिगड़ने के आरोप के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि राज्य सरकार का यह संवैधानिक दायित्व है कि वह ‘रूल ऑफ लॉ' को दुरुस्त रखे. पटना के 1, अणे मार्ग स्थित नेक संवाद भवन में विधि व्यवस्था से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कानून-व्यवस्था और जांच को अलग करने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाये और इसे अविलंब लागू किया जाये. राज्य सरकार का यह संवैधानिक दायित्व है कि वह रूल ऑफ लॉ को दुरुस्त रखे. नीतीश कुमार ने अधिकारियों से कहा कि अपराध के मामलों के साथ ही अपराध की प्रकृति का विश्लेषण कीजिए. राष्ट्रीय स्तर पर जो नयी तकनीक का इस्तेमाल हो रही है, उसे भी देख लीजिए. तय समय सीमा के अंदर एफएसएल जांच का काम पूरा हो, यह हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं का विश्लेषण कीजिए. आखिर क्या कारण है कि जिन स्थानों पर पहले तनाव की घटनाएं घटित हुआ करती थी वहां इसमें काफी कमी आयी और नयी जगहों पर इस तरह की घटनाएं हो रही है.
बिहार में गत मार्च महीने में रामनवमी के समय भागलपुर, सीवान, औरंगाबाद, कैमूर, गया, मुंगेर और समस्तीपुर जिलों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं घटी थीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो संवेदनशील इलाके हैं, उस पर विशेष तौर पर निगरानी बनाये रखने की जरूरत है. ऐसी जगहों पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को जाकर शांति समिति के लोगों के साथ बातचीत करनी चाहिए.
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